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सहरा

  सहरा में चला था मैं,रोया ना था कोई, रोया तो बस फूट के रोया, मेरे पैरों का छाला|    क्या करूं मैं, अब हाले-सूरत को बयां,  बस हाथ से न छूटा मय का वो प्याला|   जीने के कयास में कहीं मर न जाते, सांसों को मेरी बस धड़कनों ने संभाला|   Urdu meanings… Continue reading सहरा

आशुफ्ता (Aashufta)

Please click on the audio icon for recital शाम है, गम है, तन्हाई है, इस आशुफ्ता से मेरी सदियों की आशनाई हैl तुम ने हथेलियों पे नन्हे से ख्वाब छोड़े हैं, डूब जाता मैं, लहरों ने मात खाई हैl शाम है, गम है, तन्हाई हैl की ज़माने से नहीं हम वबस्त, क्या बताऊँ कि आँख… Continue reading आशुफ्ता (Aashufta)


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