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Urdu poems and recitals

अंज़ाम

Anjaam

लहरों से दोस्ती की हमने,

मुझें तो डूब के मरना था,

यहीं आगाज़ था मेरा, यहीं अंज़ाम होना था.

रह ना सका कोई, सिर्फ “मैं ” के सिवा,

काफ़िला जहाँ का, मुझें तो भीड़ मे खोना था.

किस किस को दिखाऊ, ये रंग ख़ून -ये -जिग़र का,

प्याला रहा सामने, मुझें तो प्यासा ही रहना था.

यहीं आगाज़ था मेरा, यहीं अंज़ाम होना था.

Urdu poems

कारवां

डोर अभी कुछ कच्ची थी,

टूट जाएं तो चलूँ.

आँख अभी कुछ नम थी,

सुर्ख़ हो जाये तो चलूँ.

बहार अभी बुलंदियों पर तो ना थी,

पतझड़ आये तो चलूँ.

कुछ तो ख्वाब अभी मैंने देखे हैं,

बिखर जाये तो चलूँ.

Urdu poems and recitals

तलाश

 

क्या क्या ना रक़्स दिखाएं तूने ऐ अस्म,

सहता ही रहा बुत बनकर, तेरे इंतजार में.

ना गवार सी गुजरी, मेरी ये उज्र – माज़रत

बस में ना थी, इस्तादगि, ना किसी के इख्तयार में.

खानाबदोश होना, कोई शौक तो न था

फिरता रहा मैं मारा, छत के तलाश में.


Urdu meanings:
अस्म (asma): Greed
उज्र -माज़रत (Ujra Mazarat) : Objection
इस्तादगि (Istadagi) : Act of rising
खानाबदोस (Khaana-ba-dosh) : Vagabond

Urdu poems

सौदा

ख़त्म होती तो कहानी कुछ और होती,

तेरी मेरी ज़ुबानी कुछ और होती.

ऐसी तो ताज़ियत ज़माने की ना थी,

ख़ुदा का वास्ता होता तो कुछ और होती.

खुशियाँ जहाँ से चुरा लाता मैं,

बाज़ार में बिकती, तो कुछ और होती.

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ताज़ियत – lamenting

Urdu poems

कोई और था

फ़रेब की सुबह ढल चुकी,

रात का मंज़र कोई और था.

तेरा चेहरा मैं निहार चुका,

चेहरें के पीछे कोई और था.

गिरती बिजली भी देख चुका,

तूफ़ान के आगे कोई और था.

सज़दा जहां का कर चुका,

तेरा खुदा कोई और था.

Urdu poems and recitals

कफ़स

Audio

Via Giphy

 

मैं होता या ना होता,

क्या होता मेरे होने से.

मैं बदलूँ तो क्या बदलूँ,

स्याह के रंग रह गये तन्हा होने से.

रंगों के मिज़ाज से ही रंगीनियत होनी थी,

मेरे तो सब रंग रह गये मेरे बदरंग होने से.

ना बन पाया कोई काम मेरे फ़ना होने का,

ज़ज़्बात से चराग़ भी रोशन न हुऐ लौं के होने से.

मैं होता या ना होता,

क्या होता मेरे होने से.

फलक, आशमाँ से तारे तोड़ लाता मैं,

बस हाथ ना बढ़ा पाया उसके अक्दस होने से.

मेरे इख़्तेयार में थी जहां की आशनाई,

पर तमाशबीं रहा दुनियां के होने से.

कफ़स में क़ैद अंजीदा कैसे ना होता कोई,

तमाम उम्र गुज़र गईं मेरे अफ़गन होने से.

मैं होता या ना होता,

क्या होता मेरे होने से…….

 


Urdu meanings:

अक्दस= Sacred/Holy

इख़्तेयार= Domain/ Right

आशनाई= Friendship

तमाशबीं= Viewer

कफ़स = Human body

अंजीदा = Wounded

अफ़गन = Destroyer/ Killer