Urdu poems

कारवां

डोर अभी कुछ कच्ची थी,

टूट जाएं तो चलूँ.

आँख अभी कुछ नम थी,

सुर्ख़ हो जाये तो चलूँ.

बहार अभी बुलंदियों पर तो ना थी,

पतझड़ आये तो चलूँ.

कुछ तो ख्वाब अभी मैंने देखे हैं,

बिखर जाये तो चलूँ.

Urdu poems and recitals

तलाश

 

क्या क्या ना रक़्स दिखाएं तूने ऐ अस्म,

सहता ही रहा बुत बनकर, तेरे इंतजार में.

ना गवार सी गुजरी, मेरी ये उज्र – माज़रत

बस में ना थी, इस्तादगि, ना किसी के इख्तयार में.

खानाबदोश होना, कोई शौक तो न था

फिरता रहा मैं मारा, छत के तलाश में.


Urdu meanings:
अस्म (asma): Greed
उज्र -माज़रत (Ujra Mazarat) : Objection
इस्तादगि (Istadagi) : Act of rising
खानाबदोस (Khaana-ba-dosh) : Vagabond

Urdu poems

सौदा

ख़त्म होती तो कहानी कुछ और होती,

तेरी मेरी ज़ुबानी कुछ और होती.

ऐसी तो ताज़ियत ज़माने की ना थी,

ख़ुदा का वास्ता होता तो कुछ और होती.

खुशियाँ जहाँ से चुरा लाता मैं,

बाज़ार में बिकती, तो कुछ और होती.

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ताज़ियत – lamenting

Urdu poems

कोई और था

फ़रेब की सुबह ढल चुकी,

रात का मंज़र कोई और था.

तेरा चेहरा मैं निहार चुका,

चेहरें के पीछे कोई और था.

गिरती बिजली भी देख चुका,

तूफ़ान के आगे कोई और था.

सज़दा जहां का कर चुका,

तेरा खुदा कोई और था.

Urdu poems and recitals

कफ़स

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Via Giphy

 

मैं होता या ना होता,

क्या होता मेरे होने से.

मैं बदलूँ तो क्या बदलूँ,

स्याह के रंग रह गये तन्हा होने से.

रंगों के मिज़ाज से ही रंगीनियत होनी थी,

मेरे तो सब रंग रह गये मेरे बदरंग होने से.

ना बन पाया कोई काम मेरे फ़ना होने का,

ज़ज़्बात से चराग़ भी रोशन न हुऐ लौं के होने से.

मैं होता या ना होता,

क्या होता मेरे होने से.

फलक, आशमाँ से तारे तोड़ लाता मैं,

बस हाथ ना बढ़ा पाया उसके अक्दस होने से.

मेरे इख़्तेयार में थी जहां की आशनाई,

पर तमाशबीं रहा दुनियां के होने से.

कफ़स में क़ैद अंजीदा कैसे ना होता कोई,

तमाम उम्र गुज़र गईं मेरे अफ़गन होने से.

मैं होता या ना होता,

क्या होता मेरे होने से…….

 


Urdu meanings:

अक्दस= Sacred/Holy

इख़्तेयार= Domain/ Right

आशनाई= Friendship

तमाशबीं= Viewer

कफ़स = Human body

अंजीदा = Wounded

अफ़गन = Destroyer/ Killer

Urdu poems

धूल का ग़ुबार

दिले फ़रेब अब ऎसा ना कर,

सोती हुईं आँखों को सवेरा ना कर.

मुद्दतों बाद रात आई हैँ, अब तो उजालों से सौदा ना कर.

रहने दे इस हाल में अभी कुछ तो देर और,

मेरी अज़मत की आज दुआ ना कर.

अज़ाब की फहरिस्त हैं लम्बी,

ख़ुशअतवार शहर को रुस्वा ना कर.


Urdu meanings

अज़मत = Greatness

अज़ाब = Misdeeds

खुशअतवार = Civilized / Well behaved

फहरिस्त = List

Urdu poems

Ahsaas

 

Kuch to tuta hai kahin,
Ya hoon pareshan kyu mai.

Dard-e-sehra mein bhi,
Gulzar hua kyu mai.

Atish-e-nabz hai meri jawani mein,

Kuch to akdh hai kahin,
haalat-e-paimaish pe mashgul kyu main.


Urdu meanings

  1. Atish-e-nabz: Fire in veins
  2. Haalat-e-paimaish: Assessing/Measuring
  3. Gulzaar: Blossom
  4. Akdh: Act of connecting / Uniting.

 

 

Urdu poems

Justjoo

Kabhi khud ko, kabhi
khudi ko doondh raha hu mai.

Ghaney aandherey mein,
Ek haath doondh raha hoon mai.

En akeli raho par,
Charagha doondh raha hoon mai.

Kuch kahney ki khaawish mein,
Roshnai doondh raha hoon mai.

Zara jee loon,
Kuch saansey doondh raha hoon mai.

Kya malum zindagi ke liye,
Maut ka saaman doondh raha hoon mai.